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BREAKING-ममता के ‘दाएं हाथ’ सुवेंदु अधिकारी हुए भाजपा में शामिल, पश्चिम बंगाल में ‘दीदी’ की हार तय ?

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पश्चिम बंगाल में अगले चंद माह में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे लेकर राज्य में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में बीजेपी की रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जोर का झटका लगा है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इन्ही में से एक विधायक सुवेंदु अधिकारी ने आज भाजपा का दामन थाम लिया है। सुवेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया। अधिकारी ने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दिया था।

 

शुभेंदु ने बीजेपी में शामिल होने के बाद कहा- शुभेंदु अधिकारी को पार्टी से जो भी निर्देश मिलेगा उसका पालन करेगा। मैं छात्र राजनीति से यहां तक पहुंचा हूं। जब टीएमसी का गठन हुआ था तब अटल बिहारी बाजपेयी ममता के घर आए थे। टीएमसी एनडीए का हिस्सा था। इस बार के चुनाव में पश्चिम बंगाल में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी, तृणमूल कांग्रेस दूसरे नंबर पर चली जाएगी। अधिकारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के भ्रष्टाचार से बचाने के लिए पश्चिम बंगाल को नरेंद्र मोदी के हाथ में सौंपना होगा। मैं टीएमसी को कहता हूं कि 2021 के चुनाव में वही होने जा रहा है जो वे नहीं चाहते।

 

 

 

 

बता दें कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिना सियासी घटनाक्रमों से भरा रहने वाला है। केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के कद्दवार नेता अमित शाह अपने दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल में है। वह पश्चिम मिदनापुर में रैली कर रहे हैं, जिसमें टीएमसी के बागी शुभेंदु अधिकारी सहित कई नेता पहुंचे हैं। ये नेता आज बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। इससे पहले अमित शाह ने खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि दी साथ ही रामकृष्ण आश्रम में पूजा-अर्चना की।

 

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पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे पहले टीएमसी के कई विधायकों ने पार्टी और विधायकी से इस्तीफा देते हुए ममता बनर्जी को बड़ा झटका दिया है। सबसे अहम बात यह है कि ऐसे-ऐसे क्षेत्र के विधायक टीएमसी छोड़ बीजेपी का दामन थामने की तैयारी में हैं जहां-जहां बीजेपी की स्थिति लोकसभा चुनाव में कमजोर रही थी। ऐसे में यह सियासी घटनाक्रम आने वाले विधानसभा चुनाव में भगवा पार्टी को फायदा पहुंचा सकती है।

 

 

 

सुवेंदु अधिकारी ममता बनर्जी सरकार में परिवहन, सिंचाई और जल संसाधन मंत्री थे। वह 15 वीं और 16वीं लोकसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। सुवेंदु के नाम के साथ ही 2007 में टीएमसी के नंदीग्राम आंदोलन का जिक्र उठता है। ममता बनर्जी के नेतृत्व में 2007 में हुए इस आंदोलन ने ही बंगाल में दशकों से चले आ रहे लेफ्ट के राज को उखाड़ फेंका था। इस आंदोलन का खाका सुवेंदु ने ही तैयार किया था। उनके पिता शिशिर अधिकारी और छोटे भाई दिव्येंदु अधिकारी तामलुक और कांती सीट से टीएमसी सांसद हैं। शिशिर अधिकारी मनमोहन सरकार में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री भी रह चुके हैं।

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