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आत्मनिर्भर बिहार की योजनाओं की प्रगति में दिलचस्पी नहीं ले रहा बैंक -डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद

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पटना- उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बिहार के विकास में भूमिका सुनिश्चित करने की अपील करते हुए बैंकों को गरीबों के जीवनस्तर में सुधार के लिए तेजी से लोन वितरण करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही बैंकों के साख जमा अनुपात में कमी पर चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास में मानव संसाधन की अहम भूमिका है। बैंकों के लोन राज्य के विकास के वाहक होते हैं।

बैंकों को लोन वितरण में उदार रवैया अपनाना चाहिए। उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद सोमवार को अधिवेशन भवन में 74वीं राज्य बैंकर्स समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कोरोना काल में भारी संख्या में प्रवासी मजदूर घर आये हैं।

सात निश्चय की योजनाएं भी चल रही हैं। सात निश्चय-2 की योजनाओं का क्रियान्वयन होगा। आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत बिहार को भी आत्मनिर्भर बनाना है। आत्मनिर्भर भारत बनाने की योजनाओं में भी बैंकों ने लोन वितरण में उत्साह नहीं दिखाया है।

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स्थिति यह है कि वार्षिक साख योजना(एसीपी) की उपलब्धि 34 फीसदी से भी कम है। चालू वित्तीय वर्ष में एक लाख 54 हजार 500 करोड़ रुपये में मात्र 51 हजार 585 करोड़ का लोन वितरण किया गया है जो लक्ष्य का 33.39 फीसदी है। 18 बैंकों और 30 जिलों के साख जमा अनुपात(सीडीआर) भी औसत से काफी नीचे है। श्री प्रसाद ने हर पंचायत तक बैंकों की पहुंच की वकालत करते हुए शाखा खोलने की आवश्यकता जतायी। बैंकों से हर पंचायत में ग्राहक सेवा केंद्र खोलने का निर्देश दिया। कहा कि लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खाते में योजनाओं की राशि भेजी जा रही है।

अगर बैंकों की सुविधा नहीं होगी तो लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। श्री प्रसाद ने माना कि बैंकों के सहयोग के बिना न तो योजनाएं आगे बढ़ेंगी और नहीं बिहार का विकास लक्ष्य के अनुरूप किया जायेगा। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में बैंकों को लक्ष्य पूरा करने सख्त निर्देश दिया है। उपमुख्यमंत्री ने बैंकों से राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक को गिले-शिकवे दूर करने के बजाय परिणामी बनाने की अपील की। कहा कि बैंकों को भी बिहार के विकास में भागीदारी निभानी चाहिए।

प्रसाद ने कहा कि सरकारी नौकरियां सीमित हैं। स्वरोजगार और रोजगार सृजन के जरिये 20 लाख लोगों को रोजगार दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भी बैंकों की भूमिका बढ़ जाती है कि लोन वितरण में तेजी से पहल करने की जरूरत है। इस मौके पर पशुपालन मंत्री मुकेश सहनी, वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अरविंद चौधरी तथा उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये।

केसीसी आधारित लोन वितरण की होगी ट्रैकिंग
उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि कृषि बिहार के विकास की रीढ़ है। यहां कृषि, मत्स्य पालन और मछली पालन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इसके बाद भी केसीसी आधारित लोन वितरण में बैंकों द्वारा सुस्ती बरती जा रही है। श्री प्रसाद ने कहा कि केसीसी आधारित लोन के लिए आवेदन की स्वीकृति के बाद भी किसानों को लोन नहीं मिल पा रहा है। केसीसी लोन से संबंधित सभी चीजों की आॅनलाइन व्यवस्था बैंकों को करने का निर्देश दिया ताकि उसकी ट्रैकिंग की जा सके।
एसएलबीसी की बैठक से सभी डीएम जुड़ेंगे
पटना। उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक से सभी डीएम को वर्चुअली जोड़ने का निर्देश दिया। कहा कि इससे आत्मनिर्भर बिहार सहित राज्य सरकार की लोकहित की सभी योजनाओं की प्रगति की वास्तविक जानकारी हासिल हो सकेगी और बैंकों को भी उसके अनुरूप निर्देश दिया जा सकेगा। पंचायतों में गरीबों के स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रखंडस्तर पर भी बैंकर्स समिति नियमित और निधारित तिथि पर बैठक आयोजित होने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कैलेंडर बनाने का निर्देश दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम की संख्या बढ़ाए बैंक
उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सुविधा बढ़ाने के लिए बैंकों को शाखा खोलने का निर्देश दिया। साथ ही एटीएम की संख्या भी बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों की सुविधा नहीं है, वहां ग्राहक सेवा केंद्र अवश्य खुलना चाहिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोन पाने और राशि जमा करने की प्रवृत्ति बढ़ेगी।
स्ट्रीट वेंडरों को नहीं मिल रहा लोन
उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने स्ट्रीट वेंडरों को प्राथमिकता से लोन देने की अपील बैंकों से की। कहा कि छोटी रकम के लोन देने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। अगर शाक-सब्जी विके्रताओं, फल-फूल विक्रेताओं तथा ठेला वेंडरों, खोमचे वालों को लोन नहीं मिलेगा तो आम लोगों को कठिनाई होगी। रोजमेर्रे का जीवन प्रभावित होगा। उन्होंने बैंकों को गरीबों को लोन देने, रकम अदायगी के लिए उत्साहित करने तथा उनके विकास के लिए खरीद-बिक्री के माध्यम से गरीबों से रिश्ता बनाने की अपील की। श्री प्रसाद ने कहा कि लोन देने के शुरुआती दिनों में अगर मॉनिटरिंग की जाये तो एनपीए में कमी आयेगी। बैंकों का पैसा भी नहीं डूबेगा। बैंकों के पैसे डूबते हैं, तो ऋणधारकों के परिवारों के सामने में भी गुजर-बसर की कठिनाई उत्पन्न हुए बिना नहीं रहती। ऋणों की वसूली के लिए बैंकों को जिलास्तर पर समीक्षा करने की नसीहत दी।

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